आईपीएल की शुरुआत से अब तक बीसीसीआई ने किया हैं 3,500 करोड़ रुपये का कर भुगतान

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ये भी कहा जा सकता हैं कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) बीसीसीआई का बिलियन-डॉलर बेबी है, लेकिन इसके साथ ही दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड की जेब काफी खाली भी हो चुकी हैं |

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया हैं कि बुधवार को बीसीसीआई ने वित्तीय वर्ष 2007-08 से करीब 3,500 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया हैं | साल 2008 के बाद से, जब से आईपीएल आया हैं, आयकर विभाग ने बोर्ड को छूट देने से इनकार कर दिया और वार्षिक टूर्नामेंट को एक व्यावसायिक गतिविधि भी करार दिया | एक अनुमान के मुताबिक, बीसीआईआई अपनी  लोकप्रिय लीग से अब तक करीब 12,000 करोड़ रुपये कमा चुकी हैं |

एक सूत्र ने बताया हैं कि, "इससे पहले बीसीसीआई को टैक्स छूट दी जाती थी, क्योंकि उसे पहले एक दानशील संगठन माना जाता था | हालांकि, आईपीएल शुरू होने के बाद से आई-टी विभाग ने अपना रवैया बदल दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आईपीएल एक व्यावसायिक गतिविधि है | इसका मतलब ये है कि पिछले दस सालों में हमने 3,500 करोड़ रुपये या प्रति वर्ष लगभग 350 करोड़ रुपये का कर चुकाया है | हमने विरोध के तहत भुगतान किया है और एक अपील दायर की है कि हमें एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में मूल्यांकन किया जाना जारी रखा जाना चाहिए जो कि क्रिकेट को बढ़ावा देता है |"

उन्होंने आगे बताया कि बोर्ड ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करने के अलावा, आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल में 30% कर मांग को चुनौती भी दी है | जाहिर है, बीसीसीआई के सूचीबद्ध उद्देश्य (अपने ज्ञापन संघ में) "भारत में क्रिकेट का विकास और वृद्धि" है | इस मामले में इसका अर्थ ये यह है कि "T20 क्रिकेट और आईपीएल अलग है, लेकिन टेस्ट और वनडे क्रिकेट समान है |"

 


By Pooja Soni - 09 Feb, 2018

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