×
Ashes 2017 India vs New Zealand INDIA vs SRI LANKA Latest News Featured COC Interviews IndVsAus Domestic COC Hindi Social Scoop

मुझे माँ भी समझ आती थी और बहन भी : कपिल देव

By Pooja Soni -


मंगलवार को मुम्बई में लीजेंड्स क्लब ‘हाल ऑफ फेम’ में कपिल देव को शामिल किया गया | इस दौरान कपिल ने पत्रकारों से अपनी पाकिस्तान दौरे के अनुभवो को शेयर किया और मंच पर सुनील गावस्कर बैठे हुए थे और कहा की, "सनी से पूछो वो पंजाबियो के साथ अपनी परेशानियों को बताएँगे | वे पाकिस्तानी खिलाडकड़ी कह रहे थे की पेहेन-पेहेन और उसने सोचा पन्त ! मेरे को पंजाबी आती थी, मुझे पाकिस्तान से कोई समस्या नहीं थी | मुझे माँ भी समझ आती थी और बहन भी !" आम तौर पर भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच कुछ इस तरह का सन्दर्भ होता था जिसे  सुनकर हॉल में हँसी की आवाज़े गुजने लगी |

मेरा मीडिया के साथ पहला इंटरव्यू द हिन्दू के साथ हुआ था | वे देश विभिन्न हिस्सो से पूरी तरह  से सिर्फ इंग्लिश में ही बात करते थे | उन्होंने मेरा इंटरव्यू दिल्ली में लिया था आप माने या न माने मैं बहुत ही शर्मीला हुआ करता था और मैदान के बाहर मेरे अंदर बिलकुल भी विश्वास नहीं होता था |"

कपिल ने संकेत दिया की वे अपने स्वाभाव के अनुसार ही जवाब देना चाहते हैं और रिपोर्टर को एक पर्ची दे दी थी | "ऐसी ही स्तिथि मेरे साथ हुआ करती थी |"

साथ ही कपिल ने गावस्कर की जमकर तारीफ करते हुए कहा की, "देश में ऐसा कोई नहीं हैं जो गावस्कर जैसा न बनना चाहता हो | मैं सिर्फ एक चीज़ कहना चाहूंगा | क्या वह खेल में अच्छे थे? नहीं | 
वह खेल के लिए अच्छे थे | यह ज्यादा महत्वपूर्ण था | लोग बाहर आते हैं और कहते हैं की महानतम क्रिकेटर हैं, नहीं | वही खेल के लिए महान थे | यही आप क्रिकेट खेलते हैं तो यह मायने नहीं रखता की आप इसमें कितने अच्छे हैं, लेकिन लोहा का आप पर क्या प्रभाव पड़ता हैं यह मायने रखता हैं | ऐसा ही कुछ उन्होंने किया | बहुत से लोग इसमें आते हैं और जाते हैं लेकिन इनका नाम सबसे शीर्ष पर हैं |"

पुरानी बातो को आराम देते हुए पाकिस्तान दौरे के अनुभवो में गावस्कर के उपाख्यानों की ओर रोसगनी दी और बताया की, "

"यह 1979 की बात हैं और तब तक बहुत शब्दो का प्रयोग मैदान में विमर्श के लिए जाता था , खेर जो भी हो | अचानक से एक तेज़ गेंदबाज़ आपके कदमो के कुछ ही दुरी पर खड़ा हो और आपको कुछ बोल रहा हो | जब मैं लुक के लिए दोबारा ड्रेसिंग रूम पंहुचा तो हर किसी से जान ने के लिए बहुत ही ज्यादा उत्सुक था - क्या बोल रहा हैं वो? मिलने उस से कहा, "गली तो ज़रूर दे रहा हैं लेकिन हमेशा बोलता रहता हैं -पन्त पंत | मेरा पंत से क्या लेना देना ? ऐसा कुछ उस समय हुआ था और मैंने उस से कहा की पेहेन होता हैं पंत नहीं और पंजाबी में बेहेन को पहन बोलते हैं |" और सभी हँसने लगे |